दिग्विजय
सिंह के दिये गये टंच माल के बयान ने दिन भर मीडिया चैनलों के लिये खबर भले ही दे
दी हो। लेकिन ऐसे बयानों को हर तरीके से जांच परख करने के बाद ही
इतना हाईप देना
चाहिये। अगर आप दिग्विजय सिंह का पूरा बयान सुनें तो वह मंडसौर से कांग्रेस की
सांसद मीनाक्षी नटराजन के
गुणों का बखान कर रहे थे।
वह एक
जनसभा को सम्बोधित करते हुए बोले कि जैसे एक अच्छा जौहरी
सोने की परख देखते ही कर लेता है। वैसे ही वह राजनीति के जौहरी हैं और नेताओं की
परख अच्छी तरह कर
लेते हैं। इसके बाद उन्होने मीनाक्षी के लोगों के बीच काम करने के तरीके की जम कर
तारीफ की और कहा कि
उनके हिसाब से इस काम मे मीनाक्षी एकदम “सौ टंच”
माल है।
जो लोग
मध्य प्रदेश की भाषा से वाकिफ हैं,
उन्हे पता है कि टंच एक स्लैंग शब्द है जिसका मतलब टका यानि प्रतिशत होता है। और नेता
जब दूर दराज़ इलाकों मे लोगों की बोली बोल कर उनको प्रभावित करना चाहते हैं...तो
अकसर उनकी बोली मे
बोलते हैं। यही दिग्विजय सिंह ने भी किया,
लेकिन उनके बयान का केवल एक अंश दिखा कर ऐसा दर्शाया
गया कि उन्होने अपनी पार्टी की युवा महिला सांसद पर भद्दी टिप्पणी की।
अब लोगों
को अटपटा लग रहा होगा कि अगर किसी व्यक्ति ने वाकई मे कोई अभद्र टिप्पणी की हो, तो वह मीडिया पर
मानहानि का मुकदमा क्यों करने जा रहा है। लेकिन जिन लोगों ने उनका बयान पूरे
परिपेक्ष मे सुना है, उनके लिये दिग्विजय सिंह
द्वारा ऐसा ठोस कदम उठाना एकदम स्वाभाविक नज़र आयेगा।